धुन हर कोने की  “सुरीलो राजस्थान”

     राजस्थान की खूबसूरती की तारीफ जितनी भी की जाए उतनी ही कम है। यहाँ का हर शहर अपने में एक कहानी  लिए हुए है जिसे सुनने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। अगर बात की जाए राजस्थान की संस्कृति की तो इसकी बात की कुछ निराली है। कहने को तो राजस्थान की संस्कृति  उपर से एक ही दिखाई देती है पर इसकी गहराई में कई और संस्कृतियाँ छुपी हुई है। अगर बात की जाए राजस्थान की कला-सस्कृंति की तो यह गीत-संगीत के बिना अधूरी है। आपको बता दें कि आज के समय में राजस्थान का नाम दुनिया के कोने-कोने में पहुॅंचा है। इसके पीछे यहाँ के गीत-संगीत का भी काफी बड़ा हाथ है। आज के समय में राजस्थान के लोक-कलाकर देश में ही नही विदेशों में भी जाने जाते है पर उनकी संख्या काफी कम है। ऐसे में राजस्थान में अनेकों ऐसे कलाकार हैं जो वाक़ई में संगीत के क्षेत्र में अच्छा काम कर रहे हैं पर ऐसे कलाकार लोगों की नजारों से कौसो दूर हैं। ऐसे में उन्हीं कलाकारों को एक प्लेटफार्म देने केे लिए “सुरीलो राजस्थान” के नाम से एक मुहिम चलाई गई है। अब तक इसके चार संस्करण सम्पन्न हो चुके हैं और  पाॅचवा संस्करण होने की तैयारी में है।

Jaipur Explore -                                                                    फोटो साभार – सुमित सिंह

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि “सुरीलो राजस्थान” का मूल उद्धेश्य राजस्थान के कोने-कोने में स्थित, ऐसे संगीत को लोगों तक पहुँचाना है जिसे लोगों ने पहले कभी नही सुना हो साथ ही साथ उससे जुड़े कलाकारों को भी एक मंच भी प्रदान करना है। अभी तक हुए संस्करणों से कई ऐसे कलाकर उभर कर आए हैं जो आज के समय में देशभर में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।
       आपको बता दें कि हर साल यह इवेंट होता है जिसे देखने के लिए देश से ही नही विदेश से भी लोग आते है। जितने दिनों तक यह इवेंट चलता है तब तक ही लोग इससे जुड़े रहते  हैं और इसमें आए कलाकार उन्हीं दो-चार दिनों तक ही सीमित रह जाते हैं। इसमें आने वाले लोगों को इसकी महता को समझना चाहिए। पर इस तरह दिखते हुए लगता है कि इस इवेंट में कुछ खामियाॅं  है जिस वजह से यह अपना प्रभाव उस तरह से नही छोड़ पा रहा है जिस तरह से इसे होना चाहिए था। ऐसे में इस बार “सुरीलो राजस्थान” को और भी खास बनाने के लिए ऐसे कलाकारों को तलाशा  जा रहा है। जिन तक शायद ही अब तक कोई पहुँच पाया हो। जिसके लिए हमें राजस्थान के किसी भी कौने तक जाना पड़े उस कौने तक जाकर उन्हें मंच तक लाया जाएगा। यह तो सभी को मालूम है कि कोई भी इंवेट लोगों केे बिना पूरा नही होता है।

                                                                          फोटो साभार – सुमित सिंह

किसी भी इंवेट के सफल और असफल होने के पीछे लोगों का  हाथ होता है। ऐसे में अगर आप अपने  आस-पास किसी ऐसे कलाकार को जानते हो तो आप उसकी जानकारी हमें दे सकते हैं और हम उस तक पहुँच क़र, उसे सुरीलो राजस्थान के मंच तक लाएंगे। सुरीलो राजस्थान का असल मकसद ही ऐसे कलाकरों तक पहुँचना है जिन तक शायद ही कोई पहुँचा हो। हमारा ऐसा मानना है कि कला का कोई भी दायरा नही होता है। अगर कला को किसी दायरे में  बाँध दी जाए तो वह कला अपनी आत्मा खो देती है और कला के नाम पर सिर्फ दिखावा मात्रा शरीर रह जाता है। ऐसे में सुरीलो राजस्थान हर उस कलाकार के साथ है जिसी आत्मा में संगीत बसता हो।

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