जयपुरवासियों को मकर सक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं : Jaipur Explore

मकर संक्रांति का दिन पूरे भारत में बेहद खास माना जाता है। आज के दिन शादी और पूजा-पाठ जैसे कामों का शुभ मुहूर्त शुरू हो जाती है। मकर संक्रांति को भारत के अलग-अलग हिस्सों में अगल-अगल नामों से जाना जाता है। दक्षिण भारत में मकर संक्रांति को पोंगल के नाम से जाना जाता है। वहीं राजस्थान और गुजरात में उतरायण के नाम से जाना जाता है। पंजाब और हरियाणा में इसे माघी के नाम से जाना जाता है। मकर संक्रांति के दिन (15 जनवरी)से ही प्रयागराज में कुंभ की भी शुरूआत हो जाएगी। गुजरात में इस दिन खास तरह के कार्यक्रम की जाते हैं।

makar sankranti Jaipur explore

अगर बात की जाए गुलाबी नगरी यानिकि जयपुर की तो इस दिन सुबह से ही पतंगबाज अपने -अपने घरों की छतों पर आ जाते हैं। सुबह से लेकर शाम तक छतों पर ऐसा ही माहौल देखने को मिलता है। इस दिन पूरा आकाश पतंगों से छिप जाता है। घर के सभी सदस्य भी खाने-पीने के सामान के साथ छतों पर आ जाते हैं और इस दिन का आंनद लेते हैं। बस खड़े रहने को जगह मिल जाए वहीं से पतंगबाज पतंग उड़ाना शुरू कर देते हैं। फिर बच्चे क्या, बूढे क्या और क्या औरतें सभी इस दिन को खुलकर जीते हैं।

मकर सक्रांति के इस मौके पर कुछ पंक्तियाॅं इस प्रकार से…..

कुछ हरी हैं, कुछ नीली है
कुछ मेरी हैं, कुछ उनकी हैं
कुछ माँजें से लिपटी हैं
कुछ उड़ने की तैयारी में हैं,
कुछ आसमान में खडी हैं
कुछ कटने की तैयारी में हैं,
कुछ रूठों को मनाने के लिए हैं
कुछ दिल से दिल लगाने के लिए हैं,
कुछ उडने में वक्त ले रही हैं
कुछ बेवक्त ही उड रही हैं ,
कुछ जीवन में जीने का पैगाम दे रही है
कुछ फिर से आने का सलाम दे रही हैं ।।

– सुमित सिंह 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.