जरूरतमंदों को मिलेगी इस बार ठिठुरन से राहत, जब मिलेगा उन्हें आपका साथ

आज सुबह उठ तो जल्दी गया था पर रज़ाई छोड़ने का मन नहीं हुआ,  शायद ठंड कुछ ज़्यादा ही थी। पर किसी काम के चलते बाहर जाना ही था तो मन मसोज के रज़ाई छोड़नी ही पड़ी। जब बात कपड़े पहनने की आयी तो सबसे पहले इनर, फिर टी-शर्ट , फिर स्वेटर पहनी और इस तरह कपड़े पहनते-पहनते बात जैकेट तक आ पहुँची। उसके बाद सिर पर मफ़लर लगाकर घर से काम के लिए निकल पड़ा। घर से कुछ कदम की दुरी पर चला ही था कि समाने चौराहे पर एक कचरा बीनते हुए एक बच्चा दिखाई दिया जो आधा नंगा और बिना चप्पल के सड़क पर चले जा रहा था। उसे इस तरह बिना कपड़ो के देख एक पल को मेरी सांसे अटक गयी। उसका यह हाल देख मन द्रवित हो उठा, बच्चे को लग रही ठिठुरन जैसे मुझे लग रही थी साथ ही मन व्याकुल हो चला, लग रहा था कि आज भगवान को धन्यवाद देने के अलावा भी कुछ काम है जिसे “मैं” कर सकता हुँ। फिर बिना समय गवाए भागकर घर गया, अपने कपड़ों की पुरानी गठरी में रखा एक टोपा और इनर निकाला और भाग कर उस बच्चे को दिया। बच्चे द्वारा इसे पहनने पर मन को एक असीम शांति की अनुभूति हुई।

Jaipur Explore

 

 

 

Jaipur Explore

तो आए आप और हम मिलकर इस बार सर्दी में किसी असहाय को अपनी गठरी में सिमटी हुई गर्माहट दें तो आए इस बार वो प्रेम साझा करें।

अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें-

+919983854876, +918619808027, +91-8829929990

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.