गैटोर जयपुर का यह नजारा, लुभाता है हर किसी को

राजस्थान अपनी कला-संस्कृति के लिए देश ही नही विदेश में जानी जाती है। जिस वजह से हर कोई राजस्थान में घूमने आना चाहता है। ऐसे में राजस्थान की राजधानी जयपुर जिसे गुलाबी नगरी के नाम से जाना जाता है, यहाॅं पर घूमने के लिए कई जगहे हैं। जिस वजह से हर कोई यहाॅं की जगहों के बारे में जानना चाहता है। जयपुर की इन्हीं जगहों में से खास है गैटोर जयपुर। राजस्थान के इतिहास में इसका अहम योगदान है। नागरगढ़ किले की तलहटी में बनी यह भव्य इमारत हर किसी का आकर्षण का केन्द्र है। यहाॅं पर आपको राजस्थान के वास्तुकला से जुड़ी कई चीजें देखने को मिलेगी।

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गैटोर का अर्थ- खूबसूरत शहर की कल्पना को हककीत का आकार देना कछवाहा वंश के राजाओं के द्धारा ही संभव हो पाया। इन्हीं राजाओं की आत्माएं जहाॅं निकास करती है तो वह गैटोर है। गैटोर शब्द का हिन्दी में अर्थ गए का ठौर है।

छतरियाँ- जयपुर के राजा- महाराजाओं के समाधि स्थल को कलात्मक रूप देकर उन्हें छतरियाॅं नाम दिया गया। इनमें आपको हिन्दू राजपूत स्थापत्य कला और पारंपरिक मुग़ल शैली एक साथ देखने केा मिलती है। जिस वजह से कला प्रेमी इन्हें देखने के लिए दूर-दूर से आते हैं। इस छतरियो में आपको गुलाबी नगरी के निर्माता राजा सवाई जयसिंह द्वितीय से लेकर अंतिम महाराजा माधोसिंह द्वितीय की समाधियाॅं को छतरियाॅं का रूप दिया गया है।

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कलाप्रेमी के लिए– सीढ़ीदार चबूतरे को चारो तरफ से जालियों से घेर कर और बीच पर स्थित खम्भे पर कलात्मक तरीके से सजाया गया है। तीन तरफ से चैकों से निर्मित गैटोर की छतरी में मध्य में जयपुर के राजा सवाई जयसिंह की छतरी है जो कि 20 खंभों पर टिकी हुई है। इस छतरी में युद्ध, शिकार, वीरता और संगीत से जुड़ी कलाकृतियाॅं बनी हुई है। इसके अलावा यहाॅं माधोसिंह द्वितीय और उनके पुत्रों की भी समाधियों को छतरी का आकार दिया गया है। पास ही में राजा जयसिंह की भी समाधि बनी हुई है। जिसमें मकराना संगमरमर का उपयोग किया गया है व इसके उपर राजस्थान की शैली को बड़ी खूबसूरती के साथ तैयार किया गया है।

Sisodia Rani Ka Bagh Jaipur Explore

इसके समीप ही सिसोदिया रानी का बाग स्थित है जो अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है। इस बाग में आपको फव्वारे, पानी की नहरों व चित्रित मंडपों को देखने को मिलता है। इस जगह की खूबसूरती दिल का छूती है जिस वजह से हर किसी का एक बार आने के बाद यहाॅं बार-बार आने का दिल करता है।

समय :- 10am बजे 5pm

प्रवेश शुल्क:-  30 रुपये

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