सूरजकुंड मेले में इस तरह से छाया रहा राजस्थानी कल्चर का जादू

जयपुर, 6 फरवरी। नई दिल्ली के निकट सूरजकुंड में आयोजित 15 दिवसीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में राजस्थान के लोक कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां दी।
सांस्कृतिक-संध्या में बारां के कैलाश नारायण छाबड़ा एवं उनके साथी कलाकारों ने चकरी नृत्य, बूंदी के हरिशंकर नागर एवं दल के सदस्य कच्ची घोड़ी डान्स, भरतपुर के गफरुद्दीन मेवाती एवं दल सुविख्यात भपंग वादन,जोधपुर के रफ़ीक लँगा कलाकार खड़ताल वादन, दिल्ली के अनिशुद्दीन एवं साथी चरी नृत्य तथा किरण कुमारी एवं दल घूमर नृत्य, भरतपुर के ही जितेंद्र पराशर एवं साथी कलाकार अपना लोकप्रिय मयूर डान्स,चरकुला नृत्य और फूलों की होली एवं जयपुर की राखी पूनम अपनी साथी नृत्यांगनाओं के साथ कालबेलिया डान्स की प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोहा।
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राजस्थान मंडप बना आर्कषण का केंद्र- 
राजस्थान पर्यटक स्वागत केंद्र ,नई दिल्ली की अतिरिक्त निदेशक गुंजीत कौर एवं सहायक निदेशक श्रीमती सुमिता मीना ने बताया कि सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला में राजस्थान मंडप का आकर्षण बना हुआ है। पर्यटन विभाग,राजस्थान द्वारा लगाये स्टॉल में राजस्थान के सुप्रसिद्ध पर्यटक स्थलों की जानकारी दी गई है। प्रतिदिन हज़ारों दर्शक मेले में राजस्थान एवं अन्य प्रदेशों की बहुरंगी एवं अनूठी संस्कृति के विविध रंगों को निहार रहे हैं।

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