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दिनांक 09 नवंबर, 2021

 

श्रीमति सोनिया गांधी जी,

राष्ट्रीय अध्यक्ष, कांग्रेस।

नई दिल्ली।

 

विषय – राजस्थान में पेट्रोल-डीजल पर वैट की दर को घटाये जाने के संदर्भ में।

महोदय,

केन्द्र सरकार के द्वारा पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज डयूटी की दर घटाने से पेट्रोल पर 5 रूपये एवं डीजल पर 10 रूपये और देश के करीब 25 राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों ने पेट्रोल-डीजल पर वैट की दर में कटौती से एक्साइज डय्ृटी एवं वैट की दर कम होने से आमजन को महंगाई से काफी राहत मिली हैै। राजस्थान प्रदेश के जिलों से अन्य राज्यों की सीमा लगती है, इन राज्यों में वैट की दर राजस्थान से काफी कम है। प्रदेश की सीमा से लगते हुए सभी राज्यों में ईंधन 15-22 रूपये सस्ता है, तेल माफिया अन्य राज्यों से पेट्रोल-डीजल लाकर प्रदेश में बेच रहे हैं, जिससे प्रदेश सरकार को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थो की तस्करी चरम पर है, जिससे प्रदेश के सीमावर्ती लगभग 17 जिलों में 1200 के लगभग पेट्रोल पम्प बंद होने के कगार पर हैं। राजस्थान में पेट्रोल-डीजल पर वैट की दर देश में सर्वाधिक है, जिससे महंगा ईंधन होने से आमजन, व्यापारी एवम् सभी वर्ग प्रभावित हो रहे हैं।

राजस्थान सरकार के 3 वर्ष के शासनकाल में चार बार वैट की दर में बढ़ोतरी की गई है, कोरोनाकाल में भी 3 बार वैट की दर में बढ़ोतरी की गई। वर्तमान में पेट्रोल पर 36 प्रतिशत एवं डीजल पर 26 प्रतिशत वैट प्रति-लीटर पर लग रहा है।

पंजाब सरकार ने विज्ञापन जारी करके उत्तर-भारत में पंजाब में पेट्रोल-डीजल सबसे सस्ता होना बताया है एवं पेट्रोल-डीजल राजस्थान से भी काफी कम दर पर उपलब्ध होने की बात कही है। राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी राजस्व में कमी होने पर विकास प्रभावित होने का तर्क दे रहे हैं, जबकि पेट्रोल-डीजल की दर प्रतिस्पर्धी होने से सरकार को घाटा नहीं होगा तथा सस्ता होने से अर्थव्यवस्था सुधरेगी एवं उद्योग-रोजगार भी बढ़ेंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री महोदय ने राजस्थान सरकार को सर्वाधिक वैट वसूलने वाला राज्य विज्ञापन के माध्यम से बताया है।  

अशोक गहलोत जी का कहना है कि केन्द्र सरकार यदि एक्साइज डयूटी में और कटौती करती है तो प्रदेश में भी वैट की दर में कमी करेंगे, हालांकि इसके पीछे राज्य सरकार राजस्व घाटा बता रही है, जबकि कोरोनाकाल में राजस्व में आई कमी का हवाला देते हुए राजस्थान सरकार ने पेट्रोल एवं डीजल पर वैट बढ़ाया। इस वित्तीय वर्ष के 6 माह में पेट्रोल-डीजल से प्रदेश सरकार को 10 हजार करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। वर्ष 2018 में सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर 4 प्रतिशत की कटौती कर आमजन को राहत प्रदान की गई।

अतः आपको पत्र के माध्यम से निवेदन है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर वैट की दर कम करने हेतु मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी को निर्देशित करें, जिससे प्रदेश के आमजन को पेट्रोल-डीजल सस्ता मिल सकेगा एवं महंगाई से निजात मिलेगी। उपरोक्त पत्र पर तुरन्त संज्ञान लेने का श्रम करें।

 

धन्यवाद

 

   सदभावी

 

  (डॉ.सतीश पूनियां)

 

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