कहते हैं कला की कोई सीमा नही होती अगर कलाकार चाहे तो वह धरती की गहराई से लेकर आसमान की ऊँचाई तक हर चीज में अपनी कला का हुनुर दिखा सकता है। समय-समय पर कला के रूप में बदलाव आता रहा है।  जिससे आपको हर क्षेत्र में कला का एक नया रूप देखने को मिलता रहा है। यह सभी को मालुम है कि जयपुर में बने लाख के चूडों और इससे बने सामान  की अपनी खास पहचान है जिस वजह से इनकी देश ही नही विदेश में भी काफी डिमांड रहती है। पर कला एक सीमा में तब बंध जाती है जब उस कला को बनाने वाले कलाकार को वह सम्मान नही मिल पाता जिसका वह असल में हकदार होता है। अगर बात की जाए गुलाबी नगरी यानि कि जयपुर शहर की तो यहाॅं की हर गली में आपको एक कलाकार मिल जाएगा, जिसके बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं। आज हमारे बीच एक ऐसे ही कलाकार है जो लाख के काम से जुड़े हुए हैं, जिनका नाम है  नियाज मोहम्मद
Jaipur Explore
(लाख के काम में जुटा नियाज मोहम्मद और उनका परिवार )
 दो दरवाजों वाले एक छोटे से कमरे में एक छोर पर बैठे नियाज मोहम्मद और दूसरी छोर पर बैठी उनकी पत्नी संजीदा बेगम, सुबह से शाम  दोनों इसी तरह एक-दूसरे के आमने-सामने बैठ अपने लाख के काम में लगे रहते है। दुनिया में चाहे जो भी हो रहा हो उन्हें उसकी कोई परवाह नही। ध्यान सिर्फ अपने काम पर ही रहता है। किसी ने सच ही कहा है कि अगर आपको किसी सच्चे कलाकार से मिलना है तो आपको घर से बाहर निकलना ही होगा। एक सच्चा कलाकर आपको ऐसे ही नही मिल जाएगा। छोटी चौपड़ स्थित अपने घर के बाहर बने एक छोटे से कमरे में अपना काम करते हैं। हमने उनके काम को बारीकी से देखा और पाया कि किस सहजता के साथ वो एक मामूली से लाख को खूबसूरती का रूप दे देते हैं। इसे आप उनकी हाथ की सफाई भी कह सकते हो जो किसी जादूगर से कम नही है। पर कहते हैं ना कला की कद्र वहीं होती है जहाँ उस कला के कद्रदान होते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उनका लाख का काम आज या कल से नही बल्कि सात पुश्तों से चला आ रहा है और आज भी इसी पुश्तैनी काम को करते आ रहे हैं। पर वर्तमान समय में इस काम में उन्हें जिस तरह की समस्याएं  झेलनी को मिल रही है। इसे देखकर लगता नही कि शायद उनकी आने वाली पुश्तें इस काम को करना चाहेगी, कुछ इस तरह का कहना है नियाज मोहम्म्द का। हर कलाकार को चाहिए थोड़ी सीइज्जत और दाम, जितने का वह हकदार हो। ऐसे में ये दो चीजें ना मिले तो बेचारा कलाकर क्या करे? आखिर वह भी आपकी और हमारी तरह एक आम इंसान ही है। जब-जब अपने काम को लेकर सरकारी अफसरों के पास गए है तब-तब उन्हें इंतजार ही करना पडा है पर उस इंतजार का उन्हें आज तक कोई फल नही मिला। आज की मॅंहगाई के इस दौर में दो वक्त की रोटी जुटा पाना भी अपने आप में एक जंग को जितने के सामान होता है।
Jaipur Explore
(अपने काम के बारे में बताते नियाज मोहम्मद )
अगर बात की जाए जयपुर के रंगमंच यानि कि जवाहर कला केन्द्र, रवींद्र मंच जैसे आदि मंचो की जिन्हे कलाकारों के मंच के रूप में जाना जाता है। वहाॅं से भी उन्हें बेरंग ही लौटा दिया जाता है। इसकी वजह होती है कि उनकी जानकारी किसी बड़े अफसरों से न होना और पैसों की कमी का होना। यही नही जयपुर के जितने भी मंच हैं उन सभी का यही हाल है। ऐसा नही कि उनके पास कागजों की कमी है, उनके पास कागजों के साथ-साथ अपने हाथों का हुनुर भी है। गले में आर्टिस्ट कार्ड लटकाए  न जाने उन्हें कहाँ-कहाँ भटकना पड़ा पर कोई भी उनकी सुनने वाला नही है। आजकल ऐसा देखा जाता है कि लोग चंद रूपए देकर आर्टिस्ट कार्ड बना लेते हैं जिससे यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि कौन असल में आर्टिस्ट है और कौन फर्जी! ऐसे में सरकार को इस तरह का काम करने वालों के खिलाफ सख्त कारवायी करनी चाहिए जो बिना कलाकार के हुनूर को जाॅंचे उनका कार्ड बनाते हैं।
Jaipur Explore
Jaipur Explore
(संजीदा बेगम, अपने पति के काम में हाथ बटाते हुए)
इसके अलावा आजकल इंवेट कम्पनियाॅं उनके काम के नाम पर जमकर रूपए कमा रही है। उन्हें शादी-त्योहारों पर बुलाया जाता है और 1 रूपए के दाम पर 100 लोगों का काम करवाया जाता है। पैसों की कमी के चलते उन्हें मजबूरी इतने कम रूपयों में भी काम करना पड़ता है। आपने अपने जीवन में जब कभी लाख के चूड़े खरीदे होगें उस वक्त  इनका दाम बढ़ा-चढ़ाकर बताया जाता है। पर असल में इसका मामूली सा प्रतिशत ही इन्हें बनाने वालों तक पहुँच पाता है। ऐसे समय में एक कलाकार को अपनी ही कला के हक के लिए सरकारी दफतरों के चक्कर काटने पर ध्यान दे या फिर अपने रोज की दहाड़ी पर ध्यान दें। राजस्थान सरकार स्मार्ट सिटी (जयपुर) की बात तो करती है पर स्मार्ट कलाकारों के विषयों पर कोई भी बात नहीं करती है,  जिस राजस्थान को कला की आड़ में बढा-चढ़ाकर दुनिया के सामने दिखाया जाता है असल में उस कला के पीछे कलाकारों पर कोई भी ध्यान नही देना चाहता है। अगर इसी तरह के हालात बने रहे तो जयपुर के जिस प्रसिद्ध लाख की चर्चाएं दुनियाभर में की जाती है वह कहीं जपयुर की गलियों में खो न जाए।
.........यह आगे भी जारी रहेगा कृपया पढ़ते रहें 
(एक नजर लाख के काम पर )
Share on WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Social Feed

Next Era Theatre Live Program

#UstadRashidKhan #Rashidkhan #Music #Jaipur

@youtubemusic
@TwitterMusic @AppleMusic @amazonmusic @music @BETMusic

Jaipur Explore _ A Travel And Lifestyle Magazine

#Jaipur #JaipurExplore #ExploreJaipur #LifeStyle #wedding #WeddingSeasonSeries

Dussehra is being celebrated with great enthusiasm on the 5th October this year
#Dussehra
#DussehraFestival #vijyadashmi
#dussehraspecial #Dussehra2022 https://jaipurexplore.com/fairs-and-festivals/dussehra-is-being-celebrated-with-great-enthusiasm-on-5th-october-this-year/

May the celebrations of Vijaya Dashami be full of high spirits and vibrant colours for you and your loved ones…. Warm wishes on Dussehra to you.
#Dussehra #Dussehrawishes #dussehraspecial #DussehraFestival #Vijayadashami2022 #jaipurexplore

Load More